इत्तेहाद ऐ अदब से मोहम्मद सरवर अली खान कि शायरी
आप का इस्तक़बाल है हमारी छोटी सी इत्तेहाद ऐ अदब की महफ़िल में हम उम्मीद करेंगे के आपको हमारी शायरी पसंद आये यहाँ कुछ हम कुछ दोस्त शुरुआत कर रहे है। शायरी का मुकाम हासिल करने के लिए बस आप सब की दुआए चाहिए यहाँ आपको शायर गुलज़ार राजा अंसारी & नसीम सिद्दीकी & ख़ान जी मोहम्मद हारिस & नसीम आज़मी & हकीम दानिश & मोहम्मद सरवर अली खान & रहीश पीतमपुरी और कई शायर मिलेंगे दुनिया ने घोल दी मेरे लहजे में तल्खियाँ मैं गुफ्तगू का शौक भी पूरा न कर सका
Saturday, 11 April 2020
Tuesday, 11 September 2018
Monday, 18 May 2015
इस मुरादों की दुनिया में
इश्क हटा दोगे सीने से, आखिर क्या रह जाएगा
तब तो तेरा जिस्म सलोना, बुत जैसा रह जाएगा
इस मुरादों की दुनिया में, मेरी चाहत कुछ भी नहीं
तू मुझे जो मिल न सकी, बस ये गम रह जाएगा
मेरी मानो तो धरती पर दो ही चीजें अपनी हैं
दिल का दर्द औ खारा आंसू, आखिर में रह जाएगा
सरवर से नाता है पुराना, सहर से कभी मिल न सके
दिन में दिल तो सो लेगा, रात में तन्हा रह जाएगा
मोबाइल नम्बर = +918521491859
तब तो तेरा जिस्म सलोना, बुत जैसा रह जाएगा
इस मुरादों की दुनिया में, मेरी चाहत कुछ भी नहीं
तू मुझे जो मिल न सकी, बस ये गम रह जाएगा
मेरी मानो तो धरती पर दो ही चीजें अपनी हैं
दिल का दर्द औ खारा आंसू, आखिर में रह जाएगा
सरवर से नाता है पुराना, सहर से कभी मिल न सके
दिन में दिल तो सो लेगा, रात में तन्हा रह जाएगा
मोबाइल नम्बर = +918521491859
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